डल विधि २१ चावल केसर में रंग कर इच्छा अनुसार दक्ष्ना लाल कपडे में बांध कर जागरण करता के संचालक को दें
पूजा का समांन
१. एक कोरा घड़ा मिट्टी का ढ़क्कन के साथ
२. ३ तीन नारियल पानी वाले
३. 5 ग्राम लोंग व् छोटी इलाइची
४. 11 पान के पाते डंडी वाले व् 11 साबुत सुपारी
५. 100 ग्राम मोली तारों वाली
६. 2 नए लोटा
७. ढाई मीटर लाल टेरीकोट का कपडा व् श्रृंगार का सामान
८. इतर, परफयूम रूम फ्रेशनर
९. 10 ग्राम मूषक कपूर डालियो वाला
१०. पांच प्रकार के फल 200 पिस या सांगत अनुसार
११. दो पैगट धुप और अगरबत्ती
१२. 50 ग्राम गुड व 50 ग्राम मिशरी
१३. सवा किल्लो चावल
१४. एक अगोछा
१२. 50 ग्राम गुड व 50 ग्राम मिशरी
१३. सवा किल्लो चावल
१४. एक अगोछा
१५.2kg गुलाब की पंखुड़िया
१६. फूलों के हार छोटे 21/31/51 और एक बड़ा गुलाब हार मईया के लिए
१७. 1 पुडिया केसर और रोली 20 ग्राम , एक माचिस
१८. एक तोलिया और एक गोट्टे वाली चुनरिया
१९. गंगा जल आम के पत्ते और सवा किलो चीनी
२०. बट्टे का प्रसाद (पांच प्रकार का मेवा) बादाम गिरी 250 ग्राम छुवारे 250 ग्राम फूल मखाने १०० ग्राम मीठे मखाने 2 किलो खोपा गिरी 500 ग्राम किशमिश 250 ग्राम या सांगत अनुसार
२१. 5 कटोरी, 2 थाली (घर से बर्तान या नए)
२२. 1 प्रांत बड़ी, 2 चमच, 1 कडछी, 1 पतीला घी गरम करने के लिए (घर से बर्तन वापिस कर दी जाएगी)
२३. 2 नयी चादर आसन के लिए घर से ( वापिस कर दी जाएगी)
नोट: जनरेटर 100 मीटर दूर 30 मेज टेंट वाली 6 चांदनी 6 से 8 फोक्क्स लाइट दरबार के लिए
जागरण वाले दिन लासन पियाज का इस्तेमाल न करें Print